Saturday, 17 February 2018

मुक़द्दर

वो हथेली से अपनी,हथेली मेरी रगड़ रहा था
मेरी खाली लकीरों में अपना मुक़द्दर भर रहा था

#तुषारापात®

Thursday, 15 February 2018

ग़ालिब

तुझे याद करने से अश्क नहीं हैं छलके ग़ालिब
बल्लीमारां की उड़ती ख़ाक आँख में चुभ रही है

-तुषारापात®

Friday, 26 January 2018

मोबाइल देशभक्ति

बीच दरिया की बातें बतलाता साहिल पे है
देखना है कितनी देशभक्ति तेरे मोबाइल में है

-तुषारापात®

Sunday, 14 January 2018

उत्तरायण

कब फेरोगे मेरे सजन जी हमारी ओर नयन
उत्तर की ओर चले सूर्य सुन भारतभूमि का ये प्रशन

#तुषारापात®

Saturday, 13 January 2018

चाँद का वादा

महीने में एक पूरा बाकी दिन अधूरे...उसके वादे बड़े हसीन थे...चाँद जैसे थे

Thursday, 11 January 2018

वो

बात कायदे की थी सबके फायदे की
तो क्यूँ वो एक के कानों में कहता
जो बेहतर बनी होती उससे दुनिया
तो क्यों कर वो आसमानों में रहता

-तुषारापात®

Monday, 1 January 2018

दो शून्य

नया तो तब होगा कुछ,जब दहाई से सैकड़ा होगा
नहीं तो दो शून्य एक साथ थे,दो शून्य एक हाथ हैं

-तुषारापात®