Monday, 27 July 2015

कयामत

बनी थी कायनात जब
सितारे और इंसान बराबर थे
ज़मीं पे फिर कुछ दरिंदे हुए
वो इन्सां मारते गए
फलक पे सितारे बढ़ते गए
कभी कभी टूटता है कोई तारा
कयामत का दिन
ख़ुदा को याद दिलाने को ।

-तुषारापात®™

डियर पड़ोसन !

डियर पड़ोसन !
माना कि तुमने नई नई स्कूटी ली है और पिछले ७ दिनों से मुझे दिखाने को लेकर बहुत परेशान हो,आज जब मैं वापस घर आया हुँ तो देखता हूँ कि अपनी सफ़ेद चमचमाती स्कूटी पर,अपनी ज़ुल्फ़ें उड़ाती,मुझे देखकर मुस्कुराती हुयी तुम फरररररररररररर से मेरे सामने से निकल जाती हो।
भई! ऐसा मत किया करो ! तुम्हारी जागरूक मम्मी को शक़ हो सकता है।
अपने घर के बाहर,स्कूटी का स्टैंड लगाने का वो तुम्हारा अंदाज़!
उफ़! पूरी ताकत लगा देने पर भी मुझे ये दिखाने कि कोशिश करना कि कितनी ease के साथ तुमने ये 'करिश्मा' किया।
तुम्हारी स्कूटी के वो पीले पीले indicators ,उनके जलने बुझने पर buzzer का वो ए. आर. रहमान टाइप का संगीत,मेरे घर के सामने से गुजरने पर तुम्हारा स्कूटी का वो हॉर्न का बार बार बजाना,आखिरकार मेरी मोटरसाइकिल के पेट्रोल को जलाने पर मुझे अमादा कर ही गया !
मेरी मोटरसाइकिल तुम्हारी स्कूटी के पीछे ऐसे चलने लगी जैसे कृष्ण कि बांसुरी के पीछे गोकुल कि गईया!
न जाने कब क्या हुआ कि  मोटरसाइकिल का मेरा right indicator तुम्हारी स्कूटी के left indicator के साथ जलने लगा और तुम्हारे मेरे प्यार का orchestra हॉर्न के साथ साथ पुरे मोहल्ले में बजने लगा।
पर जबसे त्रिपाठी अंकल का लड़का राहुल pcs mains में clear हुआ है तुमने मुझे interview करना ही बंद कर दिया है।
अब तुम्हारी स्कूटी कि main light उसकी कार कि head light से मिलकर जलने लगी और तुम उसकी कार कि front seat पर देखी जाने लगीं।
मेरी मोटरसाइकिल में पेट्रोल तो है पर होती नहीं start है,
मेरी तरह वो भी बहुत उदास है
पर अभी अभी पता चला है कि मेहरोत्रा अंकल के यहाँ नए किरायेदार आये हैं और साथ में लाल लाल स्कूटी भी लाएं हैं;
इस बार मैंने मोटरसाइकिल को गैराज में park कर दिया है और bank में car loan का application पहले ही भर दिया है।

(कुछ समय पहले radio RJ class के लिखा था )

-तुषारापात®™