Wednesday, 22 February 2017

एकतरफा इश्क है एकतरफा सफर

एकतरफा इश्क है एकतरफा सफर
तेरा दिल मंजिल मेरा दिल मुसाफिर

लटों के छल्ले हैं ये फौलाद से
लगी है फाँसी इन जल्लाद से
खुली जुल्फ तेरी बाँध लेती नजर
एकतरफा इश्क है एकतरफा सफर

तेरा ख्याल है छोटा क्या बड़ा
साज हूँ सजावट का मैं तेरे बिना
तेरी साँसों पे बिछी है मेरी बहर
एकतरफा इश्क है एकतरफा सफर

बिना मांगे हाथ माँग भरूँ कैसे
सजा जाऊँगा एक दिन अपने लहू से
तेरी जुल्फों के बीच की ये डगर
एकतरफा इश्क है एकतरफा सफर

#तुषारापात®™