Thursday, 31 December 2015

बूढ़ा दिसंबर और इक्कीसवीं सदी का सोलहवाँ साल

"ब्लू आईज हिप्नोटाइज तेरी करती हैं मैनू......." बूफर पे धमकती हुई आवाज पास आती जा रही थी,कुण्डी लगा कर वो दरवाजे से पीठ लगाकर बैठ गई..डर के मारे उसने अपनी साँसे तक थाम सी रखी थीं कि तभी..ठक-ठक..ठक-ठक..ठक-ठक..ठक-ठक जूतों की आहट से रात चीख उठी..कार से उतर के चार लड़के दरवाजे तक आ चुके थे

"दरवाजा खोलो..नहीं तो तोड़ देंगे..तू क्या सोचती है..ये पतले लकड़ी के दो पल्ले तुझे बचा लेंगे.."नशे में धुत एक आवाज आई

"अरे...सदी..कौन..लोग...हैं..ये" खाँसते खाँसते बहुत मुश्किल से बूढ़े दिसंबर ने पूछा

"बाबा..ये वही लड़के हैं..जो रोज मुझे छेड़ते रहते हैं..आज नए साल पे..मुझे अपने साथ ले जाने आये हैं..बाबा..मुझे बचा लो..ये बहुत गंदे हैं.."डरते डरते सदी ने बूढ़े दिसंबर से कहा

"हा हा हा ..ये बूढ़ा तुझे क्या बचाएगा..ये तो साला..खुद मर रहा है.. आ जा रानी..मजा करेंगे.." कहते हुए चारों ने दरवाजे को जोर का धक्का दिया..दरवाजे की कुण्डी निकल गई और वो चारों अंदर कमरे में आ गए

"हाय..क्या लग रही है ये..देख तो.." एक लड़के ने दूसरे को कोहनी मारते हुए कहा

"लगेगी क्यों नहीं..पंद्रह की पूरी हुई है आज..फुल माल बन गई है..देखो तो क्या उठान है.." दूसरे लड़के ने उसके वक्षों को देखकर अपनी जबान से होठों को चाटते हुए कहा, चारों लड़के धूर्तता से ठहाके लगा लगा के हँसने लगे और उसकी तरफ बढ़ने लगे

"दूररररर..हटो..कमीनो मेरी..बच्ची...बच्ची...से" बूढ़ा अपनी पूरी ताकत इकट्ठी कर चिल्लाया

"हट बुढ्ढे..तेरी तो..ये ले साले.." तीसरे ने बिअर की बोतल बूढ़े के सर पे दे मारी बूढ़े के खून से कमरे की दीवार पर मौत की चित्रकारी हो चुकी थी बूढ़ा वहीँ ढेर हो गया

"न...हींSSSSSS" सदी ने चीखना चाहा पर उनमें से एक लड़के ने उसका मुँह दबा लिया चौथे ने उसकी शर्ट खोलने को हाथ आगे बढ़ाया तो तीसरा बोला " अरे नहीं यार...यहाँ नहीं..यहाँ साली बहुत गर्मी लगेगी..कार में ले चल इसे..न्यू इयर के इस गिफ्ट को ..ए सी में खोलेंगे" ड्रग्स और शराब की गर्मी के आगे सर्दी बेकार जो थी

चारों ने उसे उठा लिया और कार की पिछली सीट पे जाकर पटक दिया
.. कार स्टार्ट हुई..ए सी..चालू हुआ....और "चार बोतल वोडका काम मेरा रोजका.." गाने की तेज आवाज में चारों लड़को को लड़की की चीखें भी सुरीली लगने लगीं

रात के बारह बज चुके हैं..लोग जश्न में डूबे हैं ... पंद्रह के आसपास की उमर के चार लड़के कार में एक लड़की के साथ 'एन्जॉय' कर रहे हैं
बूढ़ा दिसम्बर मर चूका है...इक्कीसवीं 'सदी' को सोलहवाँ साल अभी अभी लगा है।

-तुषारापात®™