Saturday, 10 October 2015

दाँतों के निशान

तारीफ में कह जाते हो तुम जिसे वाह बड़ा 'गहरा' लिखा है
कागज के सफ़ेद गालों पे कलम के दाँतों के नीले निशान हैं वो

-तुषारापात®™

सलवटें

तुम्हें दिखती हैं जो इबारतें
कलम की अंगड़ाइयों से बनी
कागज की सलवटें हैं वो

-तुषारापात®™