Tuesday, 11 August 2015

कुल्टा रात

रात
जब बुढ़ा जाती है
शिशु सवेरे को
जन्म देकर मर जाती है/
जवाँ सवेरा
नन्ही दोपहरी के
इधर उधर
मुंह मारता फिरता है/
अधेड़ दिन
कच्ची शाम के साथ
मौका मिलते ही सो जाता है
और रात जवाँ हो जाती है /
रात
इस प्रश्न का
उत्तर देते देते थक जाती है
कुल्टा बता तू
कहाँ अपना मुँह काला करवाती है/

-तुषारपात®™

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